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बस्तर के अंदरूनी इलाके में स्वास्थ्य सम्बंधित सभी समस्याओं को हल करने का प्रयास करती, गाँव की मसीहा रोशमा लकड़ा की कहानी

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जंगल से घिरे पहाड़ियों में अकेले दिखाती हैं दमदारी सभी अंदरूनी क्षेत्र में करती हैं दौरा । बास्तानार (सुमन कार्तिक) : सेंटर से द...

जंगल से घिरे पहाड़ियों में अकेले दिखाती हैं दमदारी सभी अंदरूनी क्षेत्र में करती हैं दौरा

बास्तानार (सुमन कार्तिक) : सेंटर से दूर जहाँ मार्ग विहीन पैदल नदी पार कर के जाना पड़ता वह है रोड़ापारा। जहां स्वास्थ्य से संबंधित नर्स के भरोसे पूरा पारा रहता हैं और पूरी सेवा देती हैं।
  पूरे क्षेत्र के लोगों को वे नाम से पहचानती हैं। मूलतः जशपुर जिले की रहने वाली यह नर्स, ग्रामीणों से यहां की स्थानीय बोली हलबी, गोंडी में बात करती हैं। जो इनकी स्थानीय लोगों से जुड़ने का मुख्य कारण हैं ।

ग्राम पंचायत बड़े बोदेनार 01और बड़े बोदेनार 02 के कुल 19 पारा में बसे 3 हज़ार के जनसंख्या वाले सभी पारा मोहल्ला में जाकर अपनी सेवाएं दे रहीं हैं। एएनएम रोशमा ने अपने क्षेत्र में एक अलग ही पहचान बनाई है। उन्होंने मार्ग विहीन जगहों पर 5 से 6 किमी की दूरी में बसे, पूरे एक एक पारा में जाकर घर घर दवाइयां देती हैं, और उनका इलाज करती हैं। रोशामा लकड़ा ने जानकारी दी कि "क्षेत्र में कुल 08 आंगनवाड़ी, 07 प्राथमिक स्कूल, 02माध्यमिक स्कूल, 01बालक आश्रम, 01 कन्या आश्रम है, जहां हर 15 दिन या एक माह में देख रेख और छः माह में कृमि की दवाई देने का सूचारू समय तय रहता है। शासन के निर्देशानुसार (शिशु संरक्षण माह) राष्ट्रीय पोषण माह 2021 का 30 सितंबर तक संचालित किया जा रहा है, जिसमें राष्ट्रीय पोषण माह के दौरान 09 माह से 05 वर्ष के बच्चों को विटामिन, आयरन और एल्बेंडाजोल का सिरप पिलाया जाता है। गर्भवती माताओं को आयरन केल्सियम की गोली दी जाती है।"
उन्होंने बताया कि "शासन द्वारा विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से व्यापक स्तर पर प्रचार प्रसार एवं जन जागरूकता के कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं। पोषण माह के दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधियों, अधिकारियोें एवं आम नागरिकों के सहयोग से हर घर पोषण त्यौहार तथा चलो अपनाये पोषण व्यवहार के संदेश ग्रामीण क्षेत्र के प्रत्येक घर तक पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है।"

एएनएम रोशमा ने बताया कि "क्षेत्र में राष्ट्रीय पोषण माह के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मितानिनों द्वारा गृह भेंट, स्थानीय त्यौहार को पोषण से जोड़ते हुए गतिविधियों का पोषण पर चर्चा, वजनीकरण, किशोरी बालिका जागरूकता हेतु अभियान की हर गतिविधियां संचालन हो या फिर महिलाओं को प्रसव पूर्व जांच, गर्भावस्था के दौरान रखी जाने वाली सावधानियां, स्वच्छता एवं साफ-सफाई के संबंध में या महिलाओं को बच्चों के उम्र एवं वजन के अनुसार उनका खान-पान पर विशेष ध्यान देने की समझाईश साथ ही उन्हें बच्चों की पोषण स्तर में सुधार हेतु उन्हें स्तनपान के साथ ही समय पर पौष्टिक आहार प्रदान किया जाना। छोटे बच्चों को शीघ्र स्तनपान एवं 06 माह तक संपूर्ण स्तनपान कराने के लिए प्रेरित करना। बच्चों को नियमित रूप से आंगनबाड़ी केन्द्र लाने गर्म भोजन सहित पौष्टिक आहार प्रदान करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा हैं।"
  
श्रीमती लक्ष्मी सरपंच, राधा पंच रोड़ापारा, सचिव संतोष कुमार बोदेनार, मरकाम, दसो, सुनीता, बोदो, राजू ने बताया कि "गाँव आकर इलाज करती हैं और कोई अच्छा नहीं होता है, अपने साथ अपने सेंटर ले जा कर मरीज का इलाज करती है। फिर अच्छा नहीं होने पर किलेपाल के बड़े अस्पताल भी भेजती हैं।"

वाइट : बीपीएम राजेंद्र नेताम ने बतायें की सिस्टर अपने स्तर पर सभी जानकारी रखती हैं ओर कोई कार्य अपूर्ण नहीं रहता हैं समय पर सभी करती हैं जब भी चेकिंग में गया हूँ हमेशा फील्ड में कार्यरत दिखती हैं ।
   
बीमओ प्रदीप बघेल ने बतायें की अंदरूनी क्षेत्र में अपने सेंटर पर अकेली रहकर कार्य करने के साथ लोगों से जो जुड़ाव बोली भाषा से ये बहुत ही सराहनीय हमेशा कार्य उपस्थित रहती हैं ।

एक हजार किमी घर से दूर है संबिधा का न्यूनतम वेतन में सेवा दे रहीं है
रोशमा लकड़ा यहां 2016 से कार्यरत हैं, उन्होंने अपने सब सेंटर में अभी तक संसाधनों को कमी के बावजूद 16 प्रसव भी करवा चुकी हैं। 


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