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प्रांतीय छत्तीसगढ़ी साहित्य समिति की बस्तर जिला इकाई का गठन एवं काव्य गोष्ठी संपन्न।

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जगदलपुर : कल प्रांतीय छत्तीसगढ़ी साहित्य समिति की बस्तर जिला इकाई के द्वारा छत्तीसगढ़ी काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बस्तर जिला...

जगदलपुर : कल प्रांतीय छत्तीसगढ़ी साहित्य समिति की बस्तर जिला इकाई के द्वारा छत्तीसगढ़ी काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बस्तर जिला इकाई की नई कार्यकारिणी का गठन किया गया। नवीन कार्यकारिणी में पदाधिकारी के रूप में संरक्षक- ऋषि शर्मा 'ऋषि', अध्यक्ष- चमेली नेताम, उपाध्यक्ष- शैल दुबे एवं पूर्णिमा सरोज, सचिव- भरत गंगादित्य, सह सचिव- रामेश्वर प्रसाद चंद्रा,कोषाध्यक्ष- विमल तिवारी ,मीडिया प्रतिनिधि -राजकुमार जायसवाल, कार्यकारिणी सदस्य- श्रीमती सुषमा यादव, सुकांति जायसवाल, नरेंद्र यादव, कृष्णशरण पटेल एवं ममता जैन ।इस अवसर पर उपस्थित कवियों ने छत्तीसगढ़ी में काव्य पाठ किया । 



इस अवसर पर रामेश्वर प्रसाद चंद्रा ने कविता पाठ करते हुए कहा-


'कतका करंव बखान, एकर पथरा सही छाती हे। 

महर महर महकत हे, मोर छत्तीसगढ़ के माटी हे।।' 


नरेंद्र यादव ने कवितापाठ किया-

'पढ़व,लिखव,जगाव कहिथें, मोर भारत के सियान ।

बीड़ी, तमाखू, गांजा ,दारु,छोड़व कहिथें, मोर भारत के सियान जी।' 


भरत गंगादित्य ने अपना काव्य पाठ किया-


'अगास के सुरुज देवता, रद्दा देखावत हे हम ला। 

सरलग रेंगत हे रहिना, ए सिखोवत हे हम ला ।।'


 विमल तिवारी ने भ्रूण हत्या पर छत्तीसगढ़ी में रचना पढ़ी-


'झन मार कोख मा मोला ओ दाई।'


चमेली नेताम ने अपनी रचना सुनाई-


'अरजी ला सुन लेना मोर, 

जगदंबे भवानी ।

पइयां परत हावंव तोर, 

जगदंबे भवानी ।।




इसके अतिरिक्त ऋषि शर्मा, पूर्णिमा सरोज, सुषमा यादव,ममता मधु और मनीष यादव ने भी अपनी रचनाएं सुनाईं। कार्यक्रम में शोभा शर्मा, रोहित सरोज और अन्य श्रोतागण उपस्थित थे।



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