जगदलपुर : जिले में लगातार निजी स्कूल संचालक अपनी मनमानी से शिक्षा का व्यापार करते आ रहे हैं इनकी मनमानी का बुरा असर पालको की जेबों मे पढ़ रह...
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जगदलपुर : जिले में लगातार निजी स्कूल संचालक अपनी मनमानी से शिक्षा का व्यापार करते आ रहे हैं इनकी मनमानी का बुरा असर पालको की जेबों मे पढ़ रहा है। इन स्कूलों को संचालित करने वाले जिम्मेदार प्रबंधन को इस बात की बिल्कुल भी चिंता नही है कि कोई पालक अपना पेट काटकर एक वक्त की रोटी खाकर अपने बच्चों को इनके स्कूलों में दाखिला करवाता है। ऐसा ही एक मामला जगदलपुर शहर से लगे आड़ावाल स्थित ज्ञानोदय उच्च माध्यमिक शाला में देखने को मिला जहां समय पर फीस नहीं दिए जाने पर बच्चों को वार्षिक परीक्षा देने से मना कर दिया गया वंहा मौजूद पालको से बात करने पर उन्होंने बताया कि इस स्कूल की मनमानी हमेशा से चलती आ रही है पिछले साल सालाना फीस 13000 रही वही 1 साल के अंदर फीस को बढ़ाकर 18000 कर दिया गया साथ ही स्कूल आने में थोड़ी देरी हो जाने से 50 रुपये अवैध शुल्क लिया जाता है।
पालको ने स्कूल प्रबंधन पर आरोप लगाते हुए कहा कि स्कूलों में राष्ट्रगान लाउडस्पीकर में बजाया जाता है वही बच्चों से जय हिंद एवं वंदे मातरम नहीं कहलवाया जाता।
मीडिया के द्वारा सूचना दिए जाने पर जिला शिक्षा अधिकारी ने मामले को तुरंत संज्ञान में लेते हुए खंड स्त्रोत समन्वयक वरुण मिश्रा को जांच हेतु मौके पर भेजा , मीडिया से बात करते हुए वरुण मिश्रा ने बताया कि वह जांच कर पूरी रिपोर्ट जिला शिक्षा अधिकारी को सौंप देंगे उसके बाद जो भी कार्यवाही करना है उच्च अधिकारी ही करेंगे।
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