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शिक्षाविद् व लेखक समाज में ला सकते हैं क्रांति: राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन

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रायपुर| छत्तीसगढ़ के राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन गत दिवस एमबीसी टीवी द्वारा भुवनेश्वर में आयोजित शिक्षा सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होते हुए कहा कि शिक्षा समाज और देश को समृद्ध और प्रगतिशील बनाती है। जब शिक्षा मजबूत होती है तो समाज विकास की दिशा में आगे बढ़ता है और मजबूत होता है। हर व्यक्ति को अपनी शिक्षा के लिए, अपने समाज के लिए, अपने अधिकारों के लिए लड़ना चाहिए। यह सीख अपनी माटी और मां के लिए लड़ने की प्रेरणा देती है। इस क्षेत्र में शिक्षाविदों एवं लेखकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। जब वे समाज में गिरावट या मानव अधिकारों का उल्लंघन देखते थे, तो वे अपने लेखन के माध्यम से क्रांति पैदा कर सकते थे।
शिक्षा केवल वह नहीं है जो हमें पाठ्यपुस्तकों से मिलती है बल्कि हम अपने अनुभवों से, जीवन से, समाज से, खुद से, दूसरों से आदि से सीखते हैं। महात्मा गांधी ने शिक्षा की तुलना जीवन से की और कहा, ‘जीवन में ऐसा कुछ भी नहीं है, चाहे वह कितना भी छोटा क्यों न हो, जो शिक्षा की चिंता को व्यक्त नहीं कर सकता‘।



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