जगदलपुर : आज सावन के तीसरे सोमवार पर शहर में शिवभक्ति का अद्वितीय माहौल देखने को मिला। श्रद्धालुओं ने पूरे जोश और भक्ति के साथ शिवालयों में...
जगदलपुर : आज सावन के तीसरे सोमवार पर शहर में शिवभक्ति का अद्वितीय माहौल देखने को मिला। श्रद्धालुओं ने पूरे जोश और भक्ति के साथ शिवालयों में 'हर हर महादेव' के जयकारों के बीच पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर बाबा भूतेश्वर महादेव मंदिर से भव्य शाही पालकी यात्रा का आयोजन किया गया, जिसमें शहर के सैकड़ों भक्त शामिल हुए।
पालकी यात्रा ने विभिन्न चौक और चौराहों पर रुककर भक्तों का आशीर्वाद लिया। भक्तों ने बड़े ही उत्साह के साथ पालकी यात्रा का स्वागत किया और बाबा के दर्शन किए। इस अद्वितीय यात्रा में शिवगढ़ से पहुंचे अघोरी नृत्य दल ने विशेष आकर्षण पैदा किया। अघोरी नृत्य देखने के लिए पूरा शहर उमड़ पड़ा और सभी ने इस अनोखे अनुभव का आनंद लिया।
भूतेश्वर महादेव मंदिर, जो कि शहर का सबसे प्राचीन मंदिर है, में सावन मास के दौरान महाकाल की विशेष पूजा होती है। हर दिन बाबा भूतेश्वर का विशेष श्रृंगार किया जाता है, जो कि श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र होता है। इस वर्ष भी बाबा को उज्जैन के महाकाल की तरह विशेष रूप से श्रृंगार करके शाही पालकी यात्रा निकाली गई।
इस यात्रा ने केवल धार्मिक महत्व नहीं, बल्कि शहर के सांस्कृतिक पहलुओं को भी उजागर किया। श्रद्धालुओं के लिए यह अवसर महाकाल के साक्षात दर्शन करने जैसा था। ओड़ीशा और आंध्र प्रदेश जैसे पड़ोसी राज्यों से भी भारी संख्या में शिव भक्त बाबा भूतेश्वर के दर्शन करने पहुंचे।
पालकी यात्रा का मुख्य आकर्षण इंद्रावती नदी के तट पर स्थित मंदिर की शोभा और फूलों से सजा महाकाल का स्वरूप था। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो महाकाल स्वयं यहां विराजमान हैं और बाबा भूतेश्वर अपने भक्तों को आशीर्वाद देने निकले हैं।
शाही पालकी यात्रा ने पूरे शहर को शिवमय कर दिया और चारों ओर 'हर हर महादेव' के गूंज से माहौल भक्ति रस में सराबोर हो गया।
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